मेलूहा के मृत्युंजय | Meluha Ke Mritunjay (Hindi)

Author: Amish

Publisher: HarperHindi

ISBN: 9789356296374

 

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“मेलूहा के मृत्युंजय” अमीश त्रिपाठी द्वारा लिखित शिव त्रयी (Shiva Trilogy) की पहली पुस्तक है। यह उपन्यास भगवान शिव की कथा को एक ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भ में पुनः रचता है, जिसमें उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है जो देवता बन जाते हैं।

कथा सारांश

कहानी 1900 ईसा पूर्व के मेलूहा के साम्राज्य में स्थापित है, जो भगवान राम द्वारा निर्मित एक आदर्श साम्राज्य है। मेलूहा के लोग सूर्यवंशी कहलाते हैं, और वे चंद्रवंशियों से गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं, जिन्होंने नागाओं के साथ गठबंधन कर लिया है। सूर्यवंशी एक भविष्यवाणी में विश्वास करते हैं कि एक उद्धारकर्ता उनकी सहायता के लिए आएगा, और उन्हें शिव में यह उम्मीद दिखती है, जो एक तिब्बती कबीले के नेता हैं।

शिव अपने कबीले के साथ मेलूहा चले जाते हैं और सोमरस (जो दीर्घायु प्रदान करता है) पीने के बाद उनका गला नीला हो जाता है, जो नीलकंठ की भविष्यवाणी को पूरा करता है। नीलकंठ वह उद्धारकर्ता है जो मेलूहा की रक्षा करेगा। जैसे-जैसे शिव मेलूहा के लोगों और उनकी रीति-रिवाजों के बारे में अधिक सीखते हैं, वे उनकी समस्याओं और नैतिक दुविधाओं में उलझते जाते हैं।

प्रमुख थीम

1.  परिवर्तन और नियति: शिव का यात्रा एक कबीले के नेता से लेकर भविष्यवाणी के नीलकंठ बनने तक का सफर है, जो परिवर्तन और नियति की भूमिका को उजागर करता है।

2. **अच्छाई बनाम बुराई**: उपन्यास अच्छाई और बुराई की जटिलताओं का अन्वेषण करता है, यह दिखाते हुए कि ये अवधारणाएं अक्सर काले और सफेद नहीं होतीं बल्कि दृष्टिकोण और संदर्भ द्वारा आकारित होती हैं।

3.  धर्म और नेतृत्व : शिव के अपने कर्तव्यों के प्रति संघर्ष और धर्म (धार्मिकता) को समझने और बनाए रखने के प्रयास कहानी का केंद्र हैं।

पात्र

– शिव: नायक, एक वीर योद्धा और गुना कबीले के नेता, जो मेलूहा के उद्धारकर्ता बनते हैं।
– सत: शिव की प्रेमिका, एक मजबूत और स्वतंत्र महिला जिसके पास एक रहस्यमय अतीत है।
– दक्ष: मेलूहा के राजा, जो नीलकंठ की भविष्यवाणी में विश्वास करते हैं।
– नंदी: एक वफादार मेलूहा सैनिक जो शिव का मित्र और अनुयायी बनता है।
– ब्रहस्पति: मेलूहा के मुख्य वैज्ञानिक, जो कहानी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

लेखन शैली

अमीश त्रिपाठी की लेखन शैली रोचक और सुलभ है, जो पौराणिक तत्वों को ऐतिहासिक कल्पना के साथ मिश्रित करती है। प्राचीन सभ्यता, उसके रीति-रिवाजों और उसके लोगों का विस्तृत वर्णन एक जीवंत और डूबने योग्य दुनिया का निर्माण करता है। कथा तेज गति वाली है, जिसमें पात्रों के विकास और नैतिक दुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

स्वीकृति

“मेलूहा के मृत्युंजय” को पाठकों और आलोचकों द्वारा समान रूप से सराहा गया था, इसके नवाचारी दृष्टिकोण और सम्मोहक कहानी के लिए। पुस्तक की सफलता ने अमीश त्रिपाठी को पौराणिक कल्पना के क्षेत्र में एक प्रमुख लेखक के रूप में स्थापित किया। पाठकों ने उपन्यास की समृद्ध विश्व-निर्माण, दिलचस्प कथानक और पात्रों की गहराई के लिए प्रशंसा की।

Weight 370 g
Dimensions 20 × 10 × 2 cm

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