भारत का रक्षक सुहेलदेव महाराजा (Hindi) Legend Of Suheldev The King Who Saved India

Author: Amish

ISBN: 9789387894044

 

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संक्षिप्त कथा:
यह उपन्यास 11वीं शताब्दी के प्रारंभ में स्थित है, जब भारत पर महमूद गज़नी के नेतृत्व में तुर्की सेनाओं के बार-बार आक्रमण हो रहे थे। कहानी का केंद्र बिंदु राजा सुहेलदेव हैं, जो भारतीय इतिहास के एक कम ज्ञात लेकिन महत्वपूर्ण योद्धा राजा थे, जो विदेशी आक्रमणकारियों से अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित थे।

प्रमुख विषय:
1. देशभक्ति और एकता**: उपन्यास विभिन्न भारतीय राज्यों के एकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है ताकि विदेशी आक्रमणों को रोका जा सके। इसमें सुहेलदेव के प्रयासों को दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने विभिन्न गुटों और जनजातियों को एकजुट कर एक सशक्त प्रतिरोध खड़ा किया।

2. वीरता और बलिदान**: राजा सुहेलदेव की वीरता और रणनीतिक कुशलता को प्रमुखता से दिखाया गया है, उन्हें वीरता और नि:स्वार्थता का प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनकी अपने लोगों और देश की भलाई के लिए किए गए बलिदानों को उपन्यास का मुख्य विषय बनाया गया है।

3. सांस्कृतिक धरोहर**: उपन्यास भारतीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को गहराई से उकेरता है, जिसमें लोककथाओं, परंपराओं और उस समय के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को शामिल किया गया है।

मुख्य पात्र:
राजा सुहेलदेव**: प्रमुख पात्र, एक योद्धा राजा जो महमूद गज़नी के आक्रमणों से भारत की रक्षा करने के लिए उठ खड़ा होता है।
भारतीय सेना**: विभिन्न भारतीय योद्धा और नेता जो सुहेलदेव के पीछे एकत्रित होते हैं ताकि आक्रमणकारियों से लड़ सकें।
महमूद गज़नी**: प्रतिनायक, जो भारत की संप्रभुता के लिए खतरा बने तुर्की आक्रमणकारियों का नेतृत्व करता है।

लेखन शैली:
अमिश त्रिपाठी ने विस्तृत ऐतिहासिक शोध को रोमांचक कहानी कहने की कला के साथ मिलाया है, जिससे एक तेज़ गति और गहराई से जुड़ा हुआ कथानक तैयार हुआ है। उनकी लेखन शैली तथ्य और कल्पना को बिना किसी रुकावट के मिलाती है, जिससे इतिहास को सजीव और रोचक बनाया जा सके।

समीक्षा:
उपन्यास को भारतीय इतिहास के एक अपेक्षाकृत अज्ञात लेकिन महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को उजागर करने के लिए सराहा गया है। पाठकों और आलोचकों ने सराहा है कि कैसे अमिश ने ऐतिहासिक घटनाओं को जीवन्त बना दिया है, जिससे वे समकालीन दर्शकों के लिए प्रासंगिक बन सकें।

समग्र रूप में, “भारत का रक्षक सुहेलदेव महाराजा” एक भूले-बिसरे नायक को श्रद्धांजलि है और वीरता, एकता, और प्रतिरोध की स्थायी भावना की एक प्रेरणादायक कहानी है।

Weight 300 g
Dimensions 22 × 14 × 2 cm

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